दिखे न बदरा, सावन की ऋतु आई चपला न चमके, है कैसी ये रुसवाई उमड़ – घुमड़ बदरा लाई न पुरवाई दिखे न बदरा, सावन की ऋतु आई चपला न चमके, है कैसी ये रुसवाई उमड़ – घुमड़ बदरा...
ये मोर सजना तनी लेता हमके हियवा लगाए ये मोर सजना ये मोर सजना तनी लेता हमके हियवा लगाए ये मोर सजना
इस कविता में जीवन से संघर्ष करता व्यक्ति बादलों के साथ कुछ फुरसत पल केसे बिताना चाहता है उसका वर्णन ... इस कविता में जीवन से संघर्ष करता व्यक्ति बादलों के साथ कुछ फुरसत पल केसे बिताना ...
घन मन मेघ बरसे आज देख वसुंधरा चकित आज। घन मन मेघ बरसे आज देख वसुंधरा चकित आज।
कोमल कोमल पल्लव झूमे, हरियाली है लाई। कोमल कोमल पल्लव झूमे, हरियाली है लाई।
रंग आ गये जीवन में, समझौते त्योहार हुआ ।। रंग आ गये जीवन में, समझौते त्योहार हुआ ।।